नीस (फ्रांस)। भारत और फ्रांस के बीच सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर ने दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों और नवाचार आधारित साझेदारी को वैश्विक मंच पर मजबूती प्रदान की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंध केवल कूटनीतिक या आर्थिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह साझा सोच, आपसी विश्वास और नवाचार की मजबूत नींव पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का सहयोग लगातार नए क्षेत्रों में विस्तार कर रहा है और यह साझेदारी वैश्विक समस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभा रही है।प्रधानमंत्री ने ‘भारत इनोवेट्स’ को एक महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि यह भारतीय स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों और तकनीकी प्रतिभाओं को यूरोपीय निवेशकों और वैश्विक उद्योग जगत से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की स्टार्टअप क्रांति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और फ्रांस ने पिछले वर्षों में ऊर्जा, रक्षा, जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों को दोनों देशों की दूरदर्शी सोच का प्रतीक बताया।प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मैक्रों के साथ अपनी पिछली मुलाकातों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने हमेशा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ इसी साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने वाला मंच है।इस कार्यक्रम को भारतीय प्रतिभा और वैश्विक निवेश के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में देखा जा रहा है, जिससे नवाचार, निवेश और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में तेजी से विस्तार कर रहे स्टार्टअप क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत इस समय एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जहां नवाचार और तकनीक विकास की मुख्य धारा बन चुके हैं।उन्होंने कहा कि गांवों से लेकर शहरों तक युवा नई सोच और आधुनिक तकनीकों के सहारे समाज की चुनौतियों का समाधान खोजने में जुटे हैं। भारतीय युवाओं की रचनात्मक क्षमता और उद्यमशीलता न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सराहना प्राप्त कर रही है।प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘भारत इनोवेट्स’ जैसे मंच देश के स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय नवाचार को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।उन्होंने आगे कहा कि भारत का विकास मॉडल अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। भारतीय युवा आज ऐसे समाधान विकसित कर रहे हैं जो पूरी मानवता के हित में हैं।प्रधानमंत्री के अनुसार, देश की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी है, जो अपने विचारों और नवाचार के माध्यम से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए नए अवसर और समाधान तैयार कर रही है।
