उत्तराखंड में इस बार गर्मी ने तय समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के अंतिम दिनों में ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ गया है, जिससे लोगों को मई-जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और उधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है।हैरानी की बात यह है कि पहाड़ी इलाकों में भी गर्मी का असर साफ नजर आ रहा है। मसूरी, नैनीताल और अन्य पर्यटन स्थलों पर भी सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। जहां लोग ठंडक की उम्मीद लेकर इन स्थानों का रुख करते हैं, वहां भी अब दिन के समय गर्मी लोगों को परेशान कर रही है।मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार सर्दियों में पर्याप्त ठंड और वर्षा न होने के कारण तापमान तेजी से बढ़ा है। इसके साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जो चिंता का विषय बन चुकी हैं। तेज धूप के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें, अधिक से अधिक पानी पिएं और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इस बार उत्तराखंड में गर्मी का मौसम पहले से ज्यादा लंबा और असरदार रहने के संकेत मिल रहे हैं।
अप्रैल में ही झुलसने लगा उत्तराखंड, पहाड़ों से मैदानों तक गर्मी का प्रकोप तेज



