स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल की दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार लियोनेल मेसी ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले को यादगार बनाते हुए फीफा विश्व कप 2026 में शानदार हैट्रिक दर्ज की। अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना के कप्तान ने तीन गोल दागकर अपनी टीम को जीत दिलाई और साथ ही कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए।ग्रुप-जे के इस अहम मुकाबले में मेसी ने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल कर विपक्षी टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत अर्जेंटीना ने मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की और अंक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। 78वें मिनट में मैदान से बाहर जाने से पहले मेसी ने दर्शकों को अपने करियर के यादगार प्रदर्शनों में से एक देखने का मौका दिया।यह मुकाबला मेसी के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह विश्व कप के छह अलग-अलग संस्करणों में खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए। इससे पहले वह 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और अब 2026 विश्व कप में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने 200 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में भी अपना नाम दर्ज करा लिया।अल्जीरिया के खिलाफ लगाई गई हैट्रिक ने मेसी को विश्व कप इतिहास के सर्वश्रेष्ठ गोल स्कोररों की सूची में भी शीर्ष पर पहुंचा दिया। अब उनके नाम विश्व कप में कुल 16 गोल हो चुके हैं, जिससे उन्होंने जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोजे के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। इसके अलावा मेसी पांच अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी भी बन गए हैं।इस मैच का पहला गोल विशेष महत्व रखता है। लगभग दो दशक पहले 16 जून 2006 को मेसी ने विश्व कप में अपना पहला गोल किया था और अब 20 साल बाद उसी तारीख के आसपास उन्होंने हैट्रिक लगाकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।38 वर्ष की उम्र में हैट्रिक लगाने के साथ मेसी विश्व कप इतिहास के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने यह कारनामा किया है। इस मामले में उन्होंने पूर्व रिकॉर्डधारी क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया।मेसी की इस उपलब्धि के साथ कई अन्य रिकॉर्ड भी जुड़े। विश्व कप में उनके कुल गोल योगदान (गोल और असिस्ट) का आंकड़ा 24 तक पहुंच गया है। उन्होंने महान फुटबॉलर पेले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और लगातार कई विश्व कप मुकाबलों में गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी अपनी जगह और मजबूत कर ली। क्लब और देश के लिए उनके करियर का कुल गोल योगदान 900 से अधिक का आंकड़ा पार कर चुका है, जो उनकी निरंतरता और महानता को दर्शाता है।एक बार फिर मेसी ने साबित कर दिया कि उम्र चाहे जो भी हो, बड़े मंच पर उनका जादू आज भी बरकरार है। विश्व कप 2026 में आई यह हैट्रिक फुटबॉल इतिहास के यादगार पलों में लंबे समय तक दर्ज रहेगी।
