
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से निर्देश दिए कि राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र और जरूरतमंद लोगों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जनसहभागिता, सेवा भावना और सुशासन को विकास की आधारशिला बताते हुए सभी से उत्तराखंड को वर्ष 2035 तक एक विकसित एवं अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश की जनता के सहयोग से उत्तराखंड विकास और जनकल्याण के नए मानक स्थापित करेगा।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य, डॉ. धन सिंह रावत, श्री खजान दास और श्री भरत चौधरी सहित केंद्रीय राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा उपस्थित रहे। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल एवं श्री महेंद्र भट्ट, विधायक श्री प्रेमचंद अग्रवाल, श्री मुन्ना सिंह चौहान, श्री बृज भूषण गैरोला, श्री सुरेश गड़िया, श्रीमती सविता कपूर, श्री दुर्गेश्वर लाल, श्री विनोद चमोली और श्री सहदेव सिंह पुंडीर ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।इस अवसर पर ऋषिकेश के मेयर श्री शंभू पासवान, देहरादून के मेयर श्री सौरभ थपलियाल, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री विनय शंकर पाण्डेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



