श्रीनगर गढ़वाल –
उत्तराखंड में आयोजित ‘सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0’ ने इस बार फिर साहस, सहनशक्ति और खेल भावना का शानदार उदाहरण पेश किया। भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के संयुक्त आयोजन में हुई इस 113 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा मैराथन में पौड़ी के दिगंबर और मीनाक्षी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए क्रमशः पुरुष और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस प्रतियोगिता का भव्य समापन गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में हुआ, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया।
इस चुनौतीपूर्ण दौड़ में देशभर से करीब 300 धावकों ने हिस्सा लिया, जिनमें सेना के लगभग 100 जवान भी शामिल थे। प्रतिभागियों ने हेलंग से लेकर ऊखीमठ तक फैले दुर्गम पहाड़ी मार्गों पर अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का शानदार प्रदर्शन किया।
यह आयोजन चार दिनों तक चला, जिसकी शुरुआत 16 अप्रैल को बदरीनाथ में एक एक्सपो के साथ हुई थी। इसके बाद चरणवार दौड़ इस प्रकार रही—
- 17 अप्रैल: हेलंग से कलगोट (35 किमी)
- 18 अप्रैल: कलगोट से मंडल (39 किमी)
- 19 अप्रैल: मंडल से ऊखीमठ (39 किमी)
कठिन पहाड़ी रास्तों, बदलते मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों के बीच प्रतिभागियों ने लगातार संघर्ष करते हुए फिनिश लाइन तक पहुंचने का जज्बा दिखाया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है, जिससे पर्यटन, स्थानीय व्यापार और रणनीतिक विकास को नई गति मिल रही है।
पौड़ी के रांसी मैदान में लंबे समय से अभ्यास कर रहे दोनों विजेता खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दिगंबर और मीनाक्षी ने अपनी जीत को कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम बताया।






