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देहरादून मेडिकल एडमिशन में फर्जी दस्तावेज का मामला, एक और एमबीबीएस छात्रा का प्रवेश निरस्त

देहरादून: उत्तराखंड में एमबीबीएस दाखिलों के दौरान दस्तावेजों की जांच में फर्जी प्रमाणपत्र सामने आने के बाद विश्वविद्यालय स्तर पर कार्रवाई जारी है। एचएनबी गढ़वाल मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एक और एमबीबीएस छात्रा का प्रवेश निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही फर्जी दस्तावेजों के कारण रद्द किए गए मेडिकल दाखिलों की संख्या 16 हो गई है।

विश्वविद्यालय की ओर से संबंधित छात्रा का नाम प्रवेश निरस्त किए गए अभ्यर्थियों की सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, छात्रा ने आरक्षण का लाभ लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी एससी प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था।

दो चरणों की काउंसलिंग के बाद सामने आए मामले

एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय की ओर से एमबीबीएस प्रवेश के लिए काउंसलिंग के दो चरण पूरे किए जा चुके हैं। इन चरणों में राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई थीं।

इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों द्वारा आरक्षित श्रेणी का लाभ लेने के लिए संदिग्ध प्रमाणपत्र लगाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया।

जांच में अब तक 16 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की जानकारी सामने आई है। सत्यापन के बाद इन सभी के प्रवेश निरस्त किए गए हैं।

खाली सीटें अगले चरण में होंगी आवंटित

फर्जी दस्तावेजों के कारण जिन सीटों पर प्रवेश रद्द हुआ है, उन्हें अब आगामी काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। विश्वविद्यालय ने एमबीबीएस प्रवेश के लिए तीसरे चरण की काउंसलिंग भी शुरू कर दी है।

इस प्रक्रिया के तहत खाली हुई सीटों को पात्र अभ्यर्थियों को आवंटित किया जाएगा। साथ ही, प्रवेश से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी जारी है।

प्रमाणपत्रों की जांच पर विश्वविद्यालय का फोकस

एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. विजय जुयाल ने बताया कि अब तक 16 छात्रों के दाखिले निरस्त किए जा चुके हैं। उनके अनुसार तीसरे चरण की काउंसलिंग शुरू हो गई है और प्रमाणपत्रों की जांच की प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया है कि प्रवेश प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन जारी रहेगा, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को ही आरक्षित श्रेणी और सीट आवंटन का लाभ मिल सके।

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