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भारतीय ज्ञान परंपरा को मिलेगा नया मंच, गढ़वाल विश्वविद्यालय में स्थापित होगा हिंदू अध्ययन केंद्र

गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुरू होगा हिंदू अध्ययन केंद्र, 2027-28 से एमए और पीएचडी पाठ्यक्रम की तैयारीश्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में जल्द ही हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए टिहरी जिले के कीर्तिनगर स्थित न्यूनीसैंण क्षेत्र में भूमि चिन्हित कर ली है। प्रस्तावित योजना के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2027-28 से केंद्र में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।विश्वविद्यालय के इस नए केंद्र में भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन दर्शन, वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य प्राचीन ग्रंथों पर उच्च शिक्षा एवं शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। यहां एमए और पीएचडी स्तर के पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की योजना है, जिससे विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और दर्शन का अकादमिक अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अनुसार यह केंद्र केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों को सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ेगा। संगोष्ठियों, शोध परियोजनाओं, संवाद कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से छात्रों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।हिंदू अध्ययन केंद्र के सदस्य सचिव डॉ. अमरजीत सिंह परिहार और सदस्य डॉ. विश्वेश वागमी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन दर्शन और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। उनका कहना है कि यह केंद्र शोध और अध्ययन का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि यह केंद्र भारतीय संस्कृति और दर्शन के अध्ययन को नई दिशा देगा तथा विद्यार्थियों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।वहीं कुलसचिव प्रो. वाई.पी. रैवानी ने बताया कि केंद्र की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि का चयन किया जा चुका है और संचालन संबंधी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उनका कहना है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 से केंद्र को औपचारिक रूप से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल पहले ही हिंदू अध्ययन केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे चुकी है। इसके अलावा एमए और पीएचडी पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या तथा आवश्यक शिक्षकीय पदों के सृजन के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को भी प्रस्ताव भेजा जा चुका है।गौरतलब है कि देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों, जिनमें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय सहित 25 से अधिक संस्थानों में हिंदू अध्ययन केंद्र संचालित हैं। अब गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय भी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाने जा रहा है।

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