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मौसम बना बाधा, केदारनाथ हेली सेवा फिलहाल बंद; सितंबर में दोबारा शुरू होगा उड़ानों का दौर

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम के लिए संचालित हेलीकॉप्टर सेवाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। खराब मौसम और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए हेली सेवाओं को 30 जून तक स्थगित कर दिया गया है। अब वर्षाकाल के दौरान इन सेवाओं को जारी रखा जाएगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला 29 जून को होने वाली नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की बैठक के बाद लिया जाएगा।दरअसल, केदारघाटी में लगातार बदलते मौसम, बारिश और घने कोहरे के कारण उड़ानों का संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया है। दृश्यता कम होने से हेलीकॉप्टर संचालन में जोखिम बढ़ जाता है, जिसके चलते सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। इस निर्णय से हवाई मार्ग से बाबा केदार के दर्शन की योजना बना रहे हजारों श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं।हेली ऑपरेटरों के अनुसार अधिकांश हेलीकॉप्टरों को फिलहाल फाटा और आसपास के हेलीपैडों से हटा लिया गया है। यदि मानसून सीजन के दौरान उड़ानों को जारी रखना होता तो अब तक अगले चरण की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती, लेकिन अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आगे का निर्णय डीजीसीए और संबंधित एजेंसियों की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।हेली सेवा से जुड़ी कंपनियों का कहना है कि उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) की ओर से 30 जून तक सेवाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम की स्थिति, तकनीकी मानकों और सुरक्षा पहलुओं का आकलन करने के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी।अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला पूरी तरह एहतियात के तौर पर लिया गया है। हालांकि मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदलने की संभावना को देखते हुए जोखिम नहीं उठाया जा सकता। वहीं, यूकाडा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मानसून सीजन समाप्त होने के बाद सितंबर के अंतिम सप्ताह से हेली सेवाओं को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है।हालांकि हेली सेवा बंद होने से केदारनाथ यात्रा पर कोई रोक नहीं लगी है। श्रद्धालु सोनप्रयाग और गौरीकुंड से पैदल मार्ग, घोड़ा-खच्चर, डंडी और कंडी जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं के माध्यम से धाम तक पहुंच सकते हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।यात्रा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में मौसम की स्थिति ही यह तय करेगी कि मानसून के दौरान हेली सेवाएं फिर शुरू होंगी या श्रद्धालुओं को सितंबर तक इंतजार करना पड़ेगा।

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