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अयोध्या चढ़ावा चोरी केस में नया दावा, टिन्नू के भाई बोले—‘हमें साजिश के तहत फंसाया गया’

राम मंदिर चढ़ावा मामले में नया मोड़, आरोपी के भाई ने लगाए गंभीर आरोप; एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ायाअयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी के मामले में जांच के बीच नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले के आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के भाई दिनेश यादव ने मीडिया से बातचीत में अपने भाई को निर्दोष बताते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वास्तविक जिम्मेदार लोगों को बचाने के लिए उनके भाई को मामले में फंसाया गया है।दिनेश यादव ने कहा कि उनके भाई ने वर्षों तक मंदिर से जुड़े कार्यों में जिम्मेदारी निभाई है और उनका रिकॉर्ड साफ रहा है। उनका आरोप है कि पूरे प्रकरण में टिन्नू यादव को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दानपेटी की सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों पर संचालित होती थी, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।उधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। जानकारी के अनुसार, ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के ऑडिट की दोबारा समीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। शासन ने एसआईटी को जांच पूरी करने और रिपोर्ट सौंपने के लिए 15 जुलाई तक अतिरिक्त समय दिया है।जांच के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई करते हुए नकदी, आभूषण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद करने का दावा किया है। इन बरामदगियों के आधार पर एसआईटी मामले की वित्तीय कड़ियों की भी जांच कर रही है।वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने इस पूरे मामले में बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दानपेटी से धन निकालने, उसकी गणना करने और जमा कराने की जिम्मेदारी बैंक के पास थी। उन्होंने ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि उनकी ईमानदारी पर संदेह करने का कोई आधार नहीं है।एसआईटी अब मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रिया और दान में प्राप्त आभूषणों के रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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