
चकराता में ‘विकसित भारत’ अभियान के तहत तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभचकराता के चिल्ड्रन्स पार्क में मंगलवार को भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन केंद्रीय संचार ब्यूरो, देहरादून की ओर से तीन दिवसीय जन-जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है।कार्यक्रम का उद्घाटन विकासनगर के विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने किया। इस अवसर पर कैंट बोर्ड, चकराता के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिपु दमन सिंह, उपाध्यक्ष अनिल चांदना तथा खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब गांव आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं और विकास से जुड़े अभियानों में सक्रिय भागीदारी करें।खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण विकास को गति देना, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, विभिन्न विभागों और आमजन के सहयोग से ही ऐसे कार्यक्रम सफल हो सकते हैं।कार्यक्रम के दौरान जौनसार पब्लिक स्कूल, चकराता के विद्यार्थियों के लिए ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ विषय पर पोस्टर एवं पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने का प्रभावशाली संदेश दिया।इसके अलावा बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य, खंड विकास विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग तथा स्वयं सहायता समूहों ने सूचना एवं जागरूकता स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय कार्यक्रम में चित्र प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जन-जागरूकता अभियान, प्रतियोगिताएं और सूचना प्रदर्शनी जैसी अनेक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन माध्यमों से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।



