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तुंगनाथ में मौसम का कहर: तेज तूफान ने ली दो सगे भाइयों की जान, चारधाम यात्रा मार्गों पर बढ़ी सतर्कता

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में शुक्रवार को मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि खुशियों भरा पर्यटन सफर मातम में बदल गया। तेज आंधी, तूफान और खराब मौसम की चपेट में आने से लखनऊ के दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली और तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ तूफानी हालात बन गए। कई पर्यटक और यात्री रास्तों में फंस गए, जिसके बाद प्रशासन को आपात सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके के लिए रवाना की गईं।

दुर्गम पहाड़ी इलाके और खराब मौसम के बावजूद राहत दलों ने तेजी से अभियान चलाकर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इस दौरान गंभीर रूप से घायल दो लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया।

हादसे में लखनऊ निवासी अभिषेक वाजपेयी और अभिनव वाजपेयी की मौत हो गई। दोनों सगे भाई बताए जा रहे हैं। वहीं राजन मिश्रा और शुभम शुक्ला घायल हुए हैं। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।

इस दुखद घटना ने एक बार फिर पहाड़ों में तेजी से बदलते मौसम के खतरे को उजागर कर दिया है। पर्यटन और तीर्थाटन के लिए बड़ी संख्या में लोग इन दिनों उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, लेकिन मौसम की एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

उधर चमोली जिले में भी मौसम का असर देखने को मिला। नारायणबगड़ क्षेत्र में हुई तेज बारिश के बाद केवर गदेरा अचानक उफान पर आ गया। देखते ही देखते जलस्तर बढ़ने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पर्वतीय क्षेत्रों में आने वाले यात्रियों से मौसम का अपडेट लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम लगातार बदल रहा है, इसलिए खराब मौसम के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए।

यह हादसा याद दिलाता है कि देवभूमि की खूबसूरती जितनी आकर्षक है, यहां का मौसम उतना ही अप्रत्याशित भी हो सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी कुंजी है।

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