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पौड़ी में ‘विकसित भारत’ मिशन को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला, रोजगार और आजीविका योजनाओं पर हुआ मंथन

पौड़ी में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन’ पर जिला स्तरीय कार्यशाला, नई व्यवस्थाओं की दी गई जानकारीपौड़ी गढ़वाल। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को विकास भवन सभागार में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ विषय पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मिशन के नए प्रावधानों एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी रहे। इस दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी देखा गया। प्रसारण में मिशन के तहत किए गए महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी साझा की गई।कार्यशाला में बताया गया कि 1 जुलाई 2026 से पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। यदि मांग के अनुरूप समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा।विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि स्थायी सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और गांवों के समग्र विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने बताया कि मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण, भूमि विकास, वृक्षारोपण, ग्रामीण सड़क निर्माण, चारागाह विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण, आपदा न्यूनीकरण तथा बाढ़ और भूस्खलन से सुरक्षा जैसे कई नए कार्यों को शामिल किया गया है। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।उन्होंने यह भी बताया कि योजना के संचालन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए ई-केवाईसी, जियो-टैगिंग, ऑनलाइन मस्टर रोल, सामाजिक अंकेक्षण और डीबीटी आधारित भुगतान प्रणाली को और मजबूत किया गया है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को रोजगार मांग प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था, डिजिटल मॉनिटरिंग और मिशन के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई।कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों तथा विकासखंड स्तर के अधिकारियों ने भाग लेकर मिशन के सफल क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी साझा किए।

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