
उत्तराखंड की विकास आवश्यकताओं पर मुख्यमंत्री ने रखा पक्ष, नीति आयोग से निरंतर सहयोग की जताई उम्मीदमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास कार्यों में नीति आयोग का सहयोग हमेशा सकारात्मक और उपयोगी रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी उत्तराखंड की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोग का मार्गदर्शन और सहयोग लगातार मिलता रहेगा।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय, धार्मिक और पर्यटन आधारित राज्य है, इसलिए विकास योजनाएं तैयार करते समय केवल स्थायी आबादी को आधार बनाना पर्याप्त नहीं होगा। राज्य में हर वर्ष बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे यहां की फ्लोटिंग पॉपुलेशन कई गुना बढ़ जाती है।मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश की स्थायी आबादी की तुलना में प्रतिवर्ष लगभग सात से आठ गुना अधिक लोग उत्तराखंड आते हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर पड़ता है। ऐसे में संसाधनों के आवंटन और विकास योजनाओं में इस अतिरिक्त जनसंख्या के दबाव को भी शामिल किया जाना आवश्यक है।स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत बनाने के साथ-साथ स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता उपलब्ध कराई जाएगी तो सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंच सकेगा।




