कर्णप्रयाग विवाद की गूंज: हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर रोके गए निहंग, प्रशासन से हुई वार्ताविकासनगर। कर्णप्रयाग में हुए विवाद और चार निहंग सिखों की गिरफ्तारी के विरोध में पंजाब और चंडीगढ़ से पहुंचे निहंगों के एक जत्थे ने गुरुवार को उत्तराखंड में प्रवेश करने का प्रयास किया। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं और हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब से लगी कुल्हाल सीमा पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।सीमा पर बढ़ी हलचल, सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चाजानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में निहंग सिख पांवटा साहिब से आगे बढ़ते हुए कुल्हाल बॉर्डर तक पहुंचे। इस दौरान कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। सुरक्षा बलों और पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।हालांकि कुछ निहंग विभिन्न मार्गों से देहरादून शहर की ओर बढ़ने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर वापस भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और किसी भी अप्रिय घटना को नहीं होने दिया गया।प्रशासन और प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीतघटनाक्रम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और निहंग प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। प्रतिनिधियों ने अपनी मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन पर प्रशासन की ओर से सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया गया। वार्ता के बाद माहौल सामान्य हो गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही।गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी बताया कि बातचीत शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है और फिलहाल किसी प्रकार का तनाव नहीं है।16 जून की घटना से जुड़ा है पूरा मामलाविवाद की पृष्ठभूमि 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई उस घटना से जुड़ी है, जब हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच कहासुनी के बाद विवाद हो गया था। मामला बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें कुछ लोग घायल भी हुए थे।इस प्रकरण में पुलिस ने चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के विरोध में निहंग संगठनों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए 25 जून को कर्णप्रयाग कूच का ऐलान किया था।पहले से अलर्ट था प्रशासननिहंगों के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस पहले से सतर्क थी। हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल और आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई थी ताकि कानून व्यवस्था प्रभावित न हो।निहंग प्रतिनिधियों ने रखीं तीन प्रमुख मांगेंनिहंग पक्ष का कहना है कि कर्णप्रयाग मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गिरफ्तार चार निहंगों की रिहाई की मांग भी दोहराई गई।प्रतिनिधियों का कहना है कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना नहीं, बल्कि अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उनका कहना है कि वे हेमकुंड साहिब यात्रा जारी रखना चाहते हैं और मामले के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।फिलहाल प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच संवाद जारी है तथा क्षेत्र में स्थिति सामान्य और शांतिपूर्ण बनी हुई है।
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सीमा पर हाई वोल्टेज ड्रामा: बैरिकेडिंग पार कर देहरादून की ओर बढ़े निहंग, पुलिस ने लौटाया
June 26, 2026
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