
हरिद्वार पुलिस की बड़ी सफलता: प्रेम संबंध से जुड़े ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, आरोपी गिरफ्ताररुड़की (संदीप तोमर): कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में व्यस्त हरिद्वार पुलिस ने एक चर्चित ब्लाइंड मर्डर केस का भी सफल खुलासा किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने कई दिनों से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का पर्दाफाश किया।पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम संबंध, आपसी विवाद, कथित ब्लैकमेल और बदले की भावना से जुड़ा पाया गया। आरोप है कि युवक अपनी परिचित युवती को बहाने से कलियर लेकर गया, जहां उसकी हत्या करने के बाद शव को गंगनहर में फेंक दिया और फरार हो गया।मामले की शुरुआत 24 जुलाई को हुई, जब ग्राम अलीपुर निवासी मोमिन पुत्र हमीद ने अपनी बेटी शहनुमा की हत्या का आरोप लगाते हुए कोतवाली बहादराबाद में नावेद पुत्र रियासत समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। शुरुआती दौर में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि न तो शव बरामद हुआ था और न ही घटनास्थल की स्पष्ट जानकारी मिल सकी थी।एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी ज्वालापुर की निगरानी में विशेष जांच टीम का गठन किया। प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी, मुखबिर तंत्र और अन्य सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी।लगातार दबिश के बाद पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मंगलौर क्षेत्र के भगवानपुर चंदनपुर गांव में रिश्तेदारों के यहां छिपा हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम नावेद पुत्र रियासत, निवासी ग्राम अलीपुर बताया।पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका शहनुमा के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। आरोपी ने दावा किया कि एक शादी समारोह में डीजे पर डांस को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद युवती द्वारा उसे विभिन्न मामलों में फंसाने और निजी तस्वीरों के आधार पर दबाव बनाने की बात भी उसने बताई।जांच के अनुसार आरोपी ने पहले युवती को कलियर बुलाया, जहां दोनों एक होटल में ठहरे। अगले दिन वह उसे सुनसान इलाके में ले गया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। बाद में पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को गंगनहर में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका का मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी बरामद कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।इस पूरे ऑपरेशन में वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज गैरोला, उपनिरीक्षक विकास रावत, उपनिरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज, कांस्टेबल बलवंत सिंह, कांस्टेबल अरुण चमोली, कांस्टेबल विकास थापा, कांस्टेबल सतेंद्र चौधरी तथा सीआईयू के कांस्टेबल वसीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



