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उत्तराखंड में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती, सरकारी अस्पतालों में शुरू हुई ECG सुविधा

देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में राज्य के सभी 95 ब्लॉक स्तरीय आयुर्वेदिक अस्पतालों में AI आधारित ECG जांच सुविधा शुरू कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य मरीजों, विशेष रूप से हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर जांच और उपचार उपलब्ध कराना है।आयुर्वेद और आधुनिक तकनीक का होगा समन्वयआयुष विभाग के अनुसार अब आयुर्वेदिक अस्पतालों में स्थापित आधुनिक ECG मशीनें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से मरीजों की जांच करेंगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट कम समय में तैयार होगी, जिससे चिकित्सकों को इलाज शुरू करने में सुविधा मिलेगी। विभाग का मानना है कि इससे आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाएं पहले से अधिक प्रभावी और आधुनिक बनेंगी।गर्भवती महिलाओं के लिए हर जिले में खुलेंगे सुप्रज्ञा केंद्रआयुष विभाग ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में सुप्रज्ञा केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है। इन केंद्रों का उद्देश्य सामान्य एवं सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना है। यहां गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, स्वस्थ जीवनशैली, योग, आयुर्वेदिक परामर्श और पंचकर्म जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने ₹1.30 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। विभाग का मानना है कि इन केंद्रों से अनावश्यक सिजेरियन डिलीवरी के मामलों को कम करने में मदद मिलेगी और मातृ स्वास्थ्य में सुधार होगा।आयुर्वेद को मजबूत बनाने पर सरकार का फोकसआयुष मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेदिक अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।उन्होंने यह भी कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध कार्य को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एक समर्पित आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। सरकार को उम्मीद है कि भविष्य में उत्तराखंड को यह महत्वपूर्ण संस्थान प्राप्त होगा, जिससे आयुर्वेदिक अनुसंधान और उपचार व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी

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