देहरादून। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों को सम्मानित करते हुए आपातकाल को भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे कठिन दौर बताया। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लागू किया गया आपातकाल लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा प्रहार था, जिसकी स्मृति आज भी देशवासियों के मन में जीवित है।मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई थी, प्रेस पर नियंत्रण स्थापित किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अभूतपूर्व दबाव डाला गया। उन्होंने कहा कि सत्ता को बनाए रखने के लिए उठाए गए उस समय के कदम संविधान की मूल भावना के विपरीत थे।उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन्हीं लोगों की दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस के कारण देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना संभव हो सकी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका योगदान राष्ट्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और स्वतंत्रता प्रदान करता है। आपातकाल के दौरान इन अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया, लेकिन देश की जनता ने लोकतांत्रिक ताकत का परिचय देते हुए अंततः लोकतंत्र को पुनर्जीवित किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय और राष्ट्र प्रथम की भावना सरकार की नीतियों का आधार है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में वर्ष 2023 में लोकतंत्र सेनानियों को दी जाने वाली सम्मान निधि में वृद्धि कर इसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया। साथ ही आपातकाल के दौरान जेल गए लोकतंत्र सेनानियों और उनके आश्रित जीवनसाथियों को विशेष पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए गए हैं।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के योगदान और संघर्ष को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक सविता कपूर, उमेश शर्मा काऊ, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बिष्ट, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार तथा अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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संविधान हत्या दिवस पर सीएम धामी ने लोकतंत्र रक्षकों को किया सम्मानित, आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर प्रहार
June 26, 2026
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