बहादराबाद (हरिद्वार)। धर्मनगरी हरिद्वार ने एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उपलब्धि का साक्षी बनते हुए विश्व के सबसे विशाल पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा का गौरव प्राप्त किया है। हरिद्वार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहादराबाद क्षेत्र स्थित श्री साईं शिव गंगा धाम में आयोजित भव्य धार्मिक समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और विशेष पूजा-अर्चना के बीच पारद ध्यान लिंगम की विधिवत स्थापना की गई।समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों ने भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया और श्रद्धालुओं ने इस ऐतिहासिक अवसर को आस्था के उत्सव के रूप में मनाया।रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुआ नाममंदिर परिसर में स्थापित यह पारद शिवलिंग अपने विशाल आकार और विशेष निर्माण तकनीक के कारण चर्चा का केंद्र बना हुआ है। करीब 5210 किलोग्राम वजनी इस शिवलिंग में बड़ी मात्रा में शुद्ध पारे का उपयोग किया गया है। इसकी विशेषताओं के चलते इसे राष्ट्रीय और एशियाई स्तर के रिकॉर्ड संस्थानों द्वारा भी मान्यता प्राप्त हुई है।एक दशक की मेहनत से हुआ निर्माणधार्मिक ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार इस अद्वितीय पारद शिवलिंग को तैयार करने में लगभग 10 वर्षों का समय लगा। लंबे अनुसंधान, तकनीकी प्रक्रिया और धार्मिक मानकों का पालन करते हुए इसे अंतिम स्वरूप दिया गया। निर्माण कार्य में कई संतों, विशेषज्ञों और समाजसेवियों का सहयोग रहा।विश्व शांति और जनकल्याण का संदेशसंतों ने इस अवसर पर कहा कि पारद शिवलिंग की स्थापना केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि विश्व शांति, आध्यात्मिक जागरण और मानव कल्याण का संदेश भी है। उनका मानना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।कार्यक्रम में मौजूद संतों ने समाज में धर्म, सेवा और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया तथा इस पहल को हरिद्वार ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
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हरिद्वार में स्थापित हुआ विशाल पारद शिवलिंग, दशकभर की साधना के बाद हुआ लोकार्पण
June 19, 2026
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