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अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह के लिए चुनी गईं

राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ समारोह में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनीदेहरादून। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ रिसेप्शन के लिए उत्तराखंड की युवा आपदा मित्र कैडेट गर्विता भाकुनी का चयन हुआ है। अल्मोड़ा की लोअर मॉल रोड निवासी गर्विता इस विशेष अवसर पर पूरे राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी। देशभर से केवल पांच युवा आपदा मित्र कैडेट्स को इस सम्मानजनक समारोह के लिए चुना गया है।गर्विता राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से जुड़ी युवा आपदा मित्र कैडेट हैं। उनके अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड से भी एक-एक कैडेट का चयन किया गया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गर्विता को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं की सेवा भावना, अनुशासन और आपदा प्रबंधन के प्रति समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सबसे पहले स्थानीय समुदाय ही राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि युवाओं को पहले से प्रशिक्षण दिया जाए तो बचाव और राहत कार्य अधिक प्रभावी और सुरक्षित तरीके से किए जा सकते हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार युवाओं को आपदा प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने पर लगातार जोर दे रही है, ताकि वे संकट की परिस्थितियों में प्रशासन का सहयोग करने के साथ-साथ समाज को सुरक्षित बनाने में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। उनका कहना था कि उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का मजबूत नेटवर्क भविष्य की चुनौतियों से निपटने में बेहद उपयोगी साबित होगा।आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सहयोग से संचालित युवा आपदा मित्र योजना के तहत राज्य में 4,310 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस अभियान में एनसीसी, एनएसएस, मेरा युवा भारत (एमवाईबी) और भारत स्काउट एवं गाइड के स्वयंसेवक शामिल हैं।उन्होंने बताया कि अब तक करीब 2,700 युवाओं को खोज एवं बचाव, प्राथमिक उपचार, सुरक्षित निकासी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, सामुदायिक जागरूकता और आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जा चुका है। योजना का उद्देश्य ऐसा सक्षम स्वयंसेवी नेटवर्क तैयार करना है, जो आपदा से पहले जागरूकता फैलाने, आपदा के दौरान राहत कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने और आपदा के बाद पुनर्वास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सके।इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए गर्विता भाकुनी ने कहा कि राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा आपदा मित्र के रूप में मिले प्रशिक्षण ने उनमें समाज की सेवा करने का आत्मविश्वास बढ़ाया है। भविष्य में भी वे आपदा प्रबंधन और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहकर अन्य युवाओं को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

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