उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। पौड़ी गढ़वाल के मल्ला बनास क्षेत्र में जहां मामूली तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, वहीं बागेश्वर जिले में भी धरती हिलने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। राहत की बात यह है कि दोनों ही जगहों से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
पौड़ी जिले के मल्ला बनास इलाके में करीब 3 मैग्नीट्यूड का भूकंप रिकॉर्ड किया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश चंद्र काला के अनुसार, यह झटका काफी हल्का था, इसलिए किसी नुकसान की संभावना नहीं थी। उन्होंने बताया कि आमतौर पर 5 मैग्नीट्यूड से कम तीव्रता वाले भूकंप खतरनाक नहीं माने जाते और इनसे अलार्म सिस्टम भी सक्रिय नहीं होता।
भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य बनी हुई है और जनजीवन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
उधर, बागेश्वर में भी भूकंप की गतिविधियां लगातार जारी हैं। सोमवार शाम करीब 6:26 बजे 2.5 तीव्रता का झटका महसूस किया गया, जिसका केंद्र कपकोट तहसील के सूपी क्षेत्र के पास जमीन के लगभग 5 किलोमीटर अंदर था। अचानक झटके महसूस होने पर कई लोग घरों से बाहर निकल आए।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले रविवार को भी जिले में तीन बार हल्के झटके दर्ज किए गए थे। 24 घंटे के भीतर बार-बार भूकंप आने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी तहसीलों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में आता है। हिमालयी क्षेत्र होने के कारण यहां इस तरह की गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं। यही वजह है कि राज्य में समय-समय पर हल्के भूकंप के झटके महसूस होते रहते हैं।






