उत्तराखंड में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में सौर ऊर्जा जागरूकता से जुड़ी एक विशेष पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) द्वारा तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के लाभों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य में रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना को तेजी से बढ़ावा मिला है, जिससे हजारों परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के बढ़ते उपयोग से न केवल बिजली बिलों में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
धामी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तराखंड में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग सौर ऊर्जा को अपनाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं। इसके लिए जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ प्रक्रिया को भी सरल बनाया जा रहा है।
उन्होंने संबंधित विभागों, ऊर्जा संस्थानों और अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और बेहतर समन्वय के कारण उत्तराखंड स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। आने वाले वर्षों में राज्य को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी, विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस दौरान सौर ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाने, ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने पर भी चर्चा की गई।
सरकार का मानना है कि सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग से भविष्य में ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी। इसी सोच के साथ राज्य में सौर ऊर्जा को लेकर जागरूकता अभियान और योजनाओं को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।




