
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अनधिकृत भू-विन्यास और बिना अनुमति किए जा रहे विकास कार्यों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत देहरादून के गड़ूल-सूर्यधार क्षेत्र में बड़े भू-भाग पर नियमों की अनदेखी कर किए गए विकास कार्यों के विरुद्ध प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
प्राधिकरण के मुताबिक, ग्राम गड़ूल, सूर्यधार, रानीपोखरी क्षेत्र में करीब 150 बीघा भूमि पर स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना भू-विन्यास, सड़क निर्माण और सीमांकन का काम किया गया था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद एमडीडीए ने स्थल का निरीक्षण कराया। जांच में बिना जरूरी स्वीकृति के विकास कार्य किए जाने की पुष्टि हुई।
बिना अनुमति प्लॉटिंग का मामला सामने आया
एमडीडीए के अनुसार, प्रश्नगत भूमि पर विशाल मनवाल और श्री कोठारी की ओर से प्राधिकरण से आवश्यक तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना भू-विन्यास से जुड़े कार्य किए जा रहे थे। मामले को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की।
स्थल निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बड़े क्षेत्र में भू-विन्यास के साथ सड़क निर्माण और सीमांकन समेत अन्य विकास गतिविधियां मिलीं। इसके बाद संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार वाद दर्ज किया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
प्राधिकरण ने बताया कि इस स्थल पर अनधिकृत निर्माण और विकास कार्यों को लेकर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। 7 जुलाई 2026 को अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया था।
बाद में किए गए निरीक्षण में करीब 50 बीघा के अतिरिक्त लगभग 150 बीघा भूमि पर भी भू-विन्यास से संबंधित गतिविधियां पाए जाने की बात सामने आई। निरीक्षण रिपोर्ट और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर एमडीडीए ने आगे की कार्रवाई करते हुए अनधिकृत विकास कार्यों को हटाने की कार्रवाई की।
एमडीडीए ने दी लोगों को सतर्क रहने की सलाह
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना जमीन पर प्लॉटिंग, सड़क निर्माण, सीमांकन या अन्य विकास कार्य करना नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों में स्थल की वास्तविक स्थिति और दस्तावेजों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए ने आम लोगों से भी अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित भू-विन्यास की स्वीकृति और मानचित्र की वैधता की जांच जरूर करें, ताकि बाद में किसी तरह की कानूनी या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने क्या कहा
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति भू-विन्यास, प्लॉटिंग और निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गड़ूल-सूर्यधार मामले में स्थल निरीक्षण और अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर अनधिकृत विकास करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया के अनुसार, गड़ूल-सूर्यधार में निरीक्षण के दौरान स्वीकृत तलपट मानचित्र के बिना बड़े क्षेत्र में भू-विन्यास और सड़क सीमांकन सहित कई विकास कार्य सामने आए। उन्होंने बताया कि इसी स्थल पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है और 7 जुलाई 2026 को अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया था। बाद के निरीक्षण में अतिरिक्त क्षेत्र में भू-विन्यास संबंधी कार्य मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।



