
खेल प्रतिभाओं को मंच देने की तैयारी तेज, ‘खेल महाकुम्भ-2026’ में पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे मुकाबलेचम्पावत। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और ग्रामीण स्तर से खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ प्रशिक्षण, खेल सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।राज्य में संचालित मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रतिभावान खिलाड़ियों को हर माह छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा आवश्यक खेल सामग्री खरीदने के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान भी किया गया है। प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था भी की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक खेल ढांचे के निर्माण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इसी क्रम में हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है और विश्वविद्यालय के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत भी हुई है। वहीं, खटीमा में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्टेडियम विकसित करने की घोषणा की गई है।हर जिले को मिलेगी अपनी खेल पहचानसरकार की ‘एक जनपद-एक खेल’ पहल के तहत जिलों की स्थानीय खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उनकी संबंधित खेल विधाओं को बढ़ावा देने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रत्येक जिले को एक विशिष्ट खेल पहचान देना और स्थानीय स्तर पर उभर रहे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से खेल मैदान में अनुशासन, मेहनत और समर्पण के साथ बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को आवश्यक सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।उन्होंने उम्मीद जताई कि खेल महाकुम्भ-2026 राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के माध्यम से उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत ‘खेलभूमि’ के रूप में पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।पारदर्शी चयन पर खेल मंत्री का जोरखेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से खेल भावना और पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर से शुरू होने वाली प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण अवसर हैं। प्रतिभागी अपने प्रदर्शन के आधार पर अगले चरणों में पहुंचते हुए राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी तक अपनी जगह बना सकेंगे।खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बिना किसी भेदभाव के उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सुविधाओं में सुधार के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा रहा है।
चार चरणों में होंगी प्रतियोगिताएंखेल महाकुम्भ-2026 का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। कार्यक्रम के अनुसार—- 01 से 10 सितम्बर: न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं- 11 से 20 सितम्बर: विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी- 21 से 30 सितम्बर: सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी- 10 से 30 अक्टूबर: राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफीइन प्रतियोगिताओं में अलग-अलग आयु वर्गों के बालक-बालिकाओं को प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही महिला ओपन तथा दिव्यांगजन महिला एवं पुरुष वर्ग के खिलाड़ी भी विभिन्न खेल विधाओं में हिस्सा ले सकेंगे।कार्यक्रम में विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित कुमार सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह, जिलाधिकारी मनीष कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, जिला पंचायत अध्यक्ष आनन्द सिंह अधिकारी समेत जनप्रतिनिधि, दायित्वधारी, अधिकारी, प्रशिक्षक, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।



