मियांवाला के पुराने जलस्रोत का कायाकल्प, 8.63 करोड़ से तैयार हुआ ‘जल-सृष्टि पार्क’देहरादून। शहर के विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की दिशा में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक नई पहल की है। मियांवाला में लंबे समय से उपेक्षित पुराने तालाब और जौहड़ क्षेत्र को विकसित कर ‘जल-सृष्टि पार्क’ के रूप में नया स्वरूप दिया गया है।करीब 8.63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में जलस्रोत के संरक्षण के साथ क्षेत्र का सौंदर्यीकरण और आम लोगों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का विकास किया गया है। इसका उद्देश्य पुराने जलस्रोत को संरक्षित रखते हुए लोगों को प्रकृति के करीब आने के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराना है।जलस्रोत संरक्षण के साथ जनसुविधाओं पर जोरएमडीडीए की इस परियोजना में केवल पार्क का निर्माण या सौंदर्यीकरण ही केंद्र में नहीं रखा गया है। पुराने तालाब और जौहड़ की भूमि को संरक्षित करते हुए हरियाली बढ़ाने तथा क्षेत्र को जनोपयोगी बनाने पर जोर दिया गया है।पार्क में लोगों के लिए वॉकिंग, योग और नौकायन जैसी गतिविधियों की सुविधा विकसित की गई है। इससे स्थानीय लोगों को खुले और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए बेहतर स्थान मिलेगा।पर्यावरण संरक्षण को विकास का हिस्सा बनाने की कोशिशएमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के अनुसार, देहरादून में विकास योजनाओं के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मियांवाला का पुराना तालाब और जौहड़ क्षेत्र लंबे समय से उपेक्षित था। इसे आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित करते समय जलस्रोत के मूल स्वरूप और पर्यावरणीय महत्व को भी ध्यान में रखा गया है।उन्होंने कहा कि परियोजना का उद्देश्य केवल क्षेत्र को आकर्षक बनाना नहीं है। जलस्रोत का संरक्षण, जलीय जीवों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना और लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थल देना भी इसके प्रमुख उद्देश्य हैं। उनके मुताबिक सिटी फॉरेस्ट के बाद जल-सृष्टि पार्क एमडीडीए की पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों में शामिल है।विकास और प्रकृति के बीच संतुलन जरूरीएमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि मियांवाला का जल-सृष्टि पार्क इस बात का उदाहरण है कि शहरी विकास के साथ प्राकृतिक क्षेत्रों को भी संरक्षित किया जा सकता है।उनके अनुसार, पुराने तालाब और जौहड़ क्षेत्र को बचाते हुए वहां आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। पार्क में मौजूद हरियाली और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियां लोगों को प्रकृति के करीब लाने में मदद करेंगी।एमडीडीए का कहना है कि आने वाले समय में भी शहर के पुराने जलस्रोतों, हरित क्षेत्रों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करने वाली परियोजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा। उद्देश्य ऐसे सार्वजनिक स्थान विकसित करना है, जहां पर्यावरण संरक्षण और आमजन की सुविधाएं दोनों साथ-साथ आगे बढ़ सकें।




