सोमवार को सचिवालय में हुई मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कड़ा रुख देखने को मिला। बैठक में बिना तैयारी पहुंचे अधिकारियों को उन्होंने जमकर फटकार लगाई और साफ कहा कि इस तरह की लापरवाही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि आगे से हर बैठक में पूरी जानकारी और ठोस तैयारी के साथ ही उपस्थित हों।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच तालमेल की कमी पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि आपसी समन्वय के अभाव में कई विकास कार्य बेवजह अटक रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की घोषणाओं की दोबारा गहन समीक्षा करें और प्रगति की सही रिपोर्ट पेश करें।
धामी ने दो टूक कहा कि जनता से किए गए वादों को तय समयसीमा में पूरा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों से लंबित और पूर्ण कार्यों का पूरा ब्यौरा तुरंत देने को कहा। साथ ही 15 जून तक सभी लंबित घोषणाओं पर शासनादेश जारी करने और जिन कार्यों के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं, उन्हें तुरंत जमीन पर शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी देखा कि कई जगह काम शुरू होने के बावजूद शिलापट्ट नहीं लगाए गए हैं। इस पर उन्होंने सख्ती दिखाते हुए कहा कि जहां-जहां काम शुरू हुआ है, वहां शिलापट्ट लगाना अनिवार्य किया जाए, वरना जिम्मेदारी तय होगी।
जिला स्तर पर लंबित मामलों को लेकर भी उन्होंने प्रशासन को फटकार लगाई। उनका कहना था कि जो समस्याएं जिले में ही सुलझ सकती हैं, उन्हें अनावश्यक रूप से ऊपर भेजकर समय बर्बाद करना ठीक नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि हर स्तर पर लंबित कार्यों का तुरंत निस्तारण किया जाए।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के सल्ट, रानीखेत, सोमेश्वर और जागेश्वर विधानसभा क्षेत्रों में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी घोषणाओं को समय पर पूरा किया जाए और किसी भी तरह की ढिलाई न बरती जाए।
सोमेश्वर क्षेत्र की 90 योजनाओं, सल्ट की 69, रानीखेत की 33 और जागेश्वर की 48 घोषणाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने खास तौर पर पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और कृषि से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर क्षेत्र, खासकर दूरस्थ पहाड़ी इलाकों तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नियमित समीक्षा का मकसद यही है कि योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, संबंधित क्षेत्रों के विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





