दुबई में गिरफ्तारी के बाद राखी मित्तल की हाईकोर्ट में याचिका, देहरादून की एफआईआर रद्द करने की मांगदेहरादून। सहस्रधारा रोड स्थित ऑर्किड पार्क ग्रुप हाउसिंग परियोजना से जुड़े करोड़ों रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। दुबई में इंटरपोल की सहायता से गिरफ्तार की गईं बिल्डर राखी मित्तल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर कर देहरादून के डालनवाला थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी है। उन्होंने एफआईआर से अपना नाम हटाने और मामले में आगे की कार्रवाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट में यह याचिका 20 मई 2026 को दायर की गई थी। याचिका में उत्तराखंड सरकार और मामले के शिकायतकर्ता को पक्षकार बनाया गया है। इसके साथ अंतरिम राहत के लिए स्टे आवेदन भी प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल याचिका तकनीकी कमियों के कारण “फ्रेश केस एज डिफेक्टिव” श्रेणी में दर्ज है, इसलिए इस पर नियमित सुनवाई अभी शुरू नहीं हुई है।दूसरी ओर देहरादून पुलिस राखी मित्तल को भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई में गिरफ्तारी के बाद प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी दीपक मित्तल अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है।यह मामला सहस्रधारा रोड स्थित ऑर्किड पार्क ग्रुप हाउसिंग परियोजना से जुड़ा है। आरोप है कि परियोजना के नाम पर फ्लैट खरीदारों से 45 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लेने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। बताया जाता है कि परियोजना में आठ टावरों का निर्माण प्रस्तावित था, लेकिन केवल दो टावरों का अधूरा निर्माण ही हो सका। वर्ष 2018 के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया और वर्ष 2020 में बिल्डर दंपती परिवार सहित विदेश चले गए।जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में बिल्डर दंपती के खिलाफ देहरादून में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पहले उनकी तलाश के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसे बाद में रेड कॉर्नर नोटिस में परिवर्तित किया गया। इसके बाद इंटरपोल के सहयोग से दुबई में राखी मित्तल को गिरफ्तार किया गया।जांच में यह भी सामने आया था कि कंपनी के खातों से करोड़ों रुपये विभिन्न खातों में स्थानांतरित किए गए थे। इन वित्तीय लेन-देन की जांच पहले से जारी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच कर रहा है, जबकि एसटीएफ और देहरादून पुलिस भी पूरे मामले की अलग-अलग स्तर पर जांच में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि राखी मित्तल के भारत आने के बाद पूछताछ से मामले से जुड़े कई अहम तथ्यों का खुलासा हो सकता है।




