उत्तराखंड में मानसून फिर हुआ सक्रिय, 30 जुलाई तक भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनीदेहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के देहरादून मौसम केंद्र के अनुसार 27 जुलाई से 30 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।इन जिलों में सबसे अधिक बारिश की संभावनामौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली गिरने और अत्यधिक तीव्र बारिश के दौर आने की आशंका भी जताई गई है।इसके अलावा उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। हरिद्वार जिले में भी बिजली चमकने और तेज बारिश का असर देखने को मिल सकता है।क्यों बदला मौसम?मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र तथा मानसून ट्रफ के उत्तर की ओर खिसकने से उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसके चलते 27 जुलाई की रात से 29 जुलाई की रात तक बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहने की संभावना है।अगले चार दिनों का मौसम27 जुलाई: राज्यभर में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना। देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह।28 जुलाई: उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान। अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश हो सकती है।29 जुलाई: उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और टिहरी में भारी वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना। शेष जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।30 जुलाई: उत्तरकाशी, देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश के आसार बने रहेंगे। पर्वतीय इलाकों में बिजली चमकने और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 जुलाई और 1 अगस्त से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, हालांकि हल्की से मध्यम वर्षा का सिलसिला जारी रहेगा।भूस्खलन और जलभराव का खतरालगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। संवेदनशील इलाकों में सड़कें बंद होने, पहाड़ियों से मलबा गिरने और यातायात बाधित होने की स्थिति बन सकती है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने से जलभराव और आवागमन प्रभावित होने की संभावना है।कई सड़कें प्रभावितचमोली जिले में बारिश के कारण कई सड़कें मलबा आने से बाधित हुई हैं, जिन्हें खोलने का कार्य जारी है। टिहरी जिले में भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन के चलते यातायात प्रभावित हुआ, हालांकि प्रशासन ने मलबा हटाकर मार्ग को फिर से चालू कर दिया।देहरादून के विकासनगर, कालसी-चकराता, हरिपुर-मिनस और यमुनोत्री मार्ग पर भी पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।लोगों के लिए जरूरी सलाहमौसम विभाग ने स्थानीय लोगों, चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। पहाड़ी मार्गों पर वाहन सावधानी से चलाएं, नदी-नालों के पास जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
Home / गढ़वाल न्यूज़ / बारिश ने बढ़ाई चिंता: उत्तराखण्ड के 11 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, इन दो जिलों के लिए विशेष चेतावनी।
बारिश ने बढ़ाई चिंता: उत्तराखण्ड के 11 जिलों में बिजली गिरने का अलर्ट, इन दो जिलों के लिए विशेष चेतावनी।
July 29, 2026
Previous ArticleNext Article



