ध्याणी मिलन समारोहों ने ताजा की मायके की यादें, संस्कृति और रिश्तों को मिला नया संबलउत्तरकाशी। जनपद के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित ध्याणी मिलन समारोह इन दिनों सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में गंगोत्री क्षेत्र के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने बरसाली क्षेत्र के गढ़ गांव और बाड़ागड्डी क्षेत्र के पोखरी गांव में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ध्याणियों से मुलाकात की तथा उनके सुखद और समृद्ध जीवन की कामना की।समारोह को संबोधित करते हुए विजयपाल सिंह सजवाण ने कहा कि बेटियों का अपने मायके से रिश्ता कभी समाप्त नहीं होता। जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर वे भले ही दूर स्थानों पर बस जाएं, लेकिन अपने गांव, परिवार और बचपन की स्मृतियों से उनका भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहता है। ऐसे आयोजन उसी अपनत्व और पारिवारिक स्नेह को पुनर्जीवित करने का कार्य करते हैं।उन्होंने कहा कि ध्याणी मिलन समारोह केवल मेल-मिलाप तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रभावी मंच भी हैं। इन आयोजनों से गांवों में उत्साह का माहौल बनता है और सामाजिक रिश्तों को नई मजबूती मिलती है।पोखरी गांव में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने भी सहभागिता की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आयोजित हो रहे ऐसे कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों के सम्मान और उनसे जुड़े पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने की यह परंपरा समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने ध्याणी मिलन की इस पहल को सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। वक्ताओं ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपने रीति-रिवाजों, संस्कारों और स्थानीय परंपराओं से जुड़ी रह सके।समारोह में जिला पंचायत प्रतिनिधि देवेंद्र नाथ, अनिल रावत, राजेंद्र राणा, शंकर गुसाईं, शुभम मराठा, साजन कोहली, बुद्धि सिंह राणा, मनीष रावत, ग्राम प्रधान जितेंद्र कैंतुरा, पूजा नेगी, कैप्टन लक्ष्मण सिंह नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों और ध्याणियों ने सहभागिता की।
Home / गढ़वाल न्यूज़ / मातृभूमि से रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम बना ध्याणी मिलन समारोह, संस्कृति संरक्षण पर दिया गया जोर
मातृभूमि से रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम बना ध्याणी मिलन समारोह, संस्कृति संरक्षण पर दिया गया जोर
June 19, 2026
Previous ArticleNext Article



