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सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, PWD को मिली निर्माण की जिम्मेदारी

लालढांग–चिल्लरखाल सड़क परियोजना को मिली नई रफ्तार, PWD को सौंपी गई निर्माण की जिम्मेदारीलालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण को लेकर लंबे समय से लंबित प्रक्रिया अब तेज होती नजर आ रही है। उच्चतम न्यायालय द्वारा सड़क निर्माण पर लगी रोक हटाए जाने के बाद राज्य सरकार ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया है।वन विभाग ने इस सड़क परियोजना के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है। माना जा रहा है कि इससे निर्माण कार्य की औपचारिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी होंगी और परियोजना जल्द धरातल पर उतर सकेगी।राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा कोटद्वार विधायक एवं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण के लगातार प्रयासों के बाद इस दिशा में प्रगति संभव हो सकी है।यह सड़क बनने के बाद कोटद्वार का हरिद्वार और देहरादून से सड़क संपर्क अधिक सुगम होगा। इसके अलावा पर्यटन, व्यापार, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग रही है। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए गए और राज्य सरकार ने भी इसे प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया।उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उच्चतम न्यायालय में परियोजना का पक्ष प्रभावी ढंग से रखा, जिसके बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ हुआ।ऋतु खण्डूडी भूषण ने विश्वास जताया कि शेष सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय के भीतर पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाएगा। उनके अनुसार सड़क बनने से लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और कम समय में आवागमन की सुविधा मिलेगी, वहीं कोटद्वार क्षेत्र के विकास को भी नई गति प्राप्त होगी।

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