
अमरोहा। हसनपुर क्षेत्र में हरियाणा की युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस विभाग से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद मामला गंभीर हो गया है। प्रकरण में आरोपी बनाए गए दरोगा संजय तोमर को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि घटना वाली रात उसकी ड्यूटी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई थी, लेकिन वह निर्धारित कार्रवाई करने के बजाय उस फार्म हाउस तक पहुंच गया, जहां बाद में युवती के साथ घटना होने की बात सामने आई।
मामले के अनुसार, 22 सितंबर की रात दरोगा संजय तोमर की थाने की जीडी में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए रवानगी दर्ज की गई थी। आरोप है कि थाने से निकलने के बाद वह वारंटियों की तलाश में जाने के बजाय फार्म हाउस पहुंच गया। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान उसके वहां मौजूद होने की बात सामने आई।
फार्म हाउस में शराब और खाने की व्यवस्था का आरोप
फार्म हाउस के केयरटेकर रामनिवास के अनुसार, मंगलवार शाम कुछ लोग कार से वहां पहुंचे थे। बताया गया कि उनके ठहरने के लिए तीन कमरे लिए गए थे। इसके कुछ समय बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात सिपाही प्रमोद कुमार के खाना और शराब लेकर पहुंचने की बात भी सामने आई है।
इसी दौरान फार्म हाउस में मौजूद लोगों के बीच शराब पार्टी होने का आरोप है। बाद में हरियाणा की युवती ने पुलिस को शिकायत देकर अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
छापेमारी के दौरान दरोगा की मौजूदगी
युवती की शिकायत के बाद पुलिस टीम ने फार्म हाउस पर कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, मौके पर दरोगा संजय तोमर भी मौजूद मिला और उसके खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अब जांच का अहम हिस्सा यह है कि वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए थाने से रवाना होने के बाद दरोगा फार्म हाउस तक कैसे पहुंचा और उस दौरान उसकी गतिविधियां क्या थीं। जीडी में दर्ज रवानगी और घटनास्थल पर उसकी मौजूदगी के बीच की कड़ी भी जांच के दायरे में है।
मामले ने पकड़ा सियासी रंग
घटना में पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ के जवानों के नाम सामने आने के बाद मामला राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि अमरोहा की घटना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में किसकी क्या भूमिका थी और वारदात से पहले फार्म हाउस पर मौजूद लोगों के बीच क्या-क्या हुआ। मामले में सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।



