
हरिद्वार में शुरू हुआ उत्तराखंड का पहला ‘हिलांस’ रिटेल आउटलेट, महिला समूहों के उत्पादों को मिला नया बाजारहरिद्वार। उत्तराखंड में महिला उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में शुक्रवार को एक अहम पहल हुई। धार्मिक नगरी हरिद्वार में राज्य का पहला ‘हिलांस’ रिटेल आउटलेट शुरू किया गया, जिससे स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद अब बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे।यह आउटलेट ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के सहयोग से स्थापित किया गया है। इसका संचालन श्रद्धा महिला स्वायत्त सहकारिता करेगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए स्थायी विपणन मंच उपलब्ध कराना और उनकी आय में वृद्धि करना है।नए रिटेल आउटलेट में उत्तराखंड के स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए जैविक उत्पाद, पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय मसाले, मिलेट आधारित खाद्य सामग्री, हस्तनिर्मित वस्तुएं और राज्य की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े अनेक उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए भरोसेमंद मंच मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर उत्तराखंड के गुणवत्तापूर्ण स्थानीय उत्पाद मिल सकेंगे।कार्यक्रम के दौरान श्रद्धा महिला स्वायत्त सहकारिता और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच रिटेल आउटलेट के संचालन को लेकर समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए।विशेषज्ञों का मानना है कि अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले कई उत्कृष्ट उत्पाद सीमित बाजार तक ही पहुंच पाते थे। इस नए आउटलेट के माध्यम से उत्पादन और बाजार के बीच की दूरी कम होगी, जिससे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बेहतर आमदनी और व्यापक पहचान मिल सकेगी।राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दिशा में स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, आधुनिक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और उद्यमिता से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। ‘लखपति दीदी’ अभियान भी इसी प्रयास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके तहत महिलाओं की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।हरिद्वार में आउटलेट की स्थापना को रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक अब उत्तराखंड के स्थानीय उत्पाद आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे राज्य के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।उद्घाटन समारोह में रीप की राज्य परियोजना निदेशक श्रीमती झरना कामठान ने कहा कि यह पहल महिला आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक प्रगति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और यह आउटलेट स्वयं सहायता समूहों के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।रीप के जिला परियोजना प्रबंधक संजय सक्सेना ने बताया कि भविष्य में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के ‘हिलांस’ रिटेल आउटलेट स्थापित करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक महिला समूहों को अपने उत्पादों के विपणन का अवसर मिल सके।हरिद्वार से शुरू हुई यह पहल केवल एक रिटेल स्टोर तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



